शमी

शमी के अर्थ :

  • स्रोत - संस्कृत

शमी के मैथिली अर्थ

संज्ञा

  • सैनि, एक फूल

Noun

  • a thomy tree, Prosopis spicigern.

शमी के हिंदी अर्थ

शमि

संज्ञा, स्त्रीलिंग

  • कर्म , क्रिया (को॰)
  • एक प्रकार का बड़ा वृक्ष , सफेद कीकर , छिकुर , छोँकर

    विशेष
    . शमी का वृक्ष पंजाब, सिंध, राजपूताना, गुजरात, और दक्षिण के प्रांतों में पाया जाता है । इसे बागों में भी लगाते हैं । इसका वृक्ष ३०-४० फुट तक ऊँचा होता है; परंतु सिंघ में यह ६० फुट का भी होता है । इसकी शाखें पतली, खाकी रंग की, चित्तीदार और भूमि की ओर लटकती हुई होती हैं । इसकी जड़ कहीं कहीं ६० फुट तक भूमि के भीतर नीचे चली जाती है, और चारों ओर बहुत दूर तक बढ़ती है, जिससे नए अंकुर निकलकर और पौधे उत्पन्न होते हैं । इसकी लकड़ी बहुत मजबूत होती है । इसके वृक्ष पर काँटे होते हैं । डालियों पर विषमवर्ती सींके रहते हैं । इन सींकों पर ७ से १२ जोड़े तक छोटे छोटे पत्ते रहते हैं । शाखों के अंत में ३-४ इंच लंबे सींकों पर नन्हें नन्हें पीले तथा गुलाबी रंग के फूल आते हैं । इसकी फलियाँ ५ से १० इंच तक लंबी और चिपटी होती हैं । प्रत्येक फली में १०-१५ बीज रहते हैं जो अंडाकार और भूरे रंग के होते हैं । इसकी छाल और फलियाँ ओषधि के काम आती हैं । लोग इसकी फलियों का अचार और साग बनाकर खाते हैं । दुर्भिक्ष के समय इसकी छाल के आटे की रोटी बनाकर भी खाई जाती है । इसका भस्म बुद्धि, केश तथा नखों का नाश करनेवाला होता है । अतिसार में इसका काढ़ा लाभदायक होता है । गठिया पर इसकी छाल पींसकर गरम करके लगाने से लाभ होता है । लोग विजयादशमी आदि कुछ विशिष्ट अवसरों पर इसका पूजन भी करते हैं ।

  • एक प्रकार का पेड़

    उदाहरण
    . शमी की लकड़ी का उपयोग पूजा-पाठ में होता है ।

  • एक प्रकार का विशेष वृक्ष जिसकी लकड़ी को रगड़ने पर आग निकलती है
  • एक प्रकार का पवित्र वृक्ष; सफ़ेद कीकर
  • शिंबा
  • बागुजी
  • एक प्रकार का बड़ा कीकर जो पवित्र माना जाता है
  • मनहूसी
  • शूम होने की अवस्था या भाव, सूमपन
  • शिबी धान्य (मूंग, मसूर, मोठ, उड़द, चना, अरहर, मटर, कुलथी, लोबिया इत्यादि)
  • सफेद कीकर

विशेषण

  • शांत

शमी के ब्रज अर्थ

स्त्रीलिंग

  • अग्नि गर्भ वृक्ष , छेकुर का वृक्ष

शमी के मालवी अर्थ

संज्ञा, स्त्रीलिंग

  • एक प्रकार का वृक्ष।

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