bha.nvrii meaning in hindi
भँवरी के हिंदी अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
-
नदी आदि में पानी का तेज़ घुमाव या चक्कर, भँवर, घेरा
उदाहरण
. जहँ नदि नीर गँभीर तहाँ भल भँवरी परइ। छिल छिल सलिल न परै परै छबि नहिं करई। -
जंतुओं के शरीर के ऊपर वह स्थान जहाँ के रोएँ और बाल एक केंद्र पर घूमे हुए हों, बालों का इस प्रकार का घुमाव स्यानभेद से शुभ अथवा अशुभ लक्षण माना जाता है
उदाहरण
. स्याम उर सुधा दह मानौ ।..... उरजु भँवरी भँवर, मीनौ नील मनि की कांति। भृगुचरन हिय चिह्न ये सब जीव जल बहु भाँति। - गाय, भैंस आदि के शरीर का स्पर्श होते ही उनके शरीर पर निर्माण होने वाला वृत्ताकार स्फुरण
- भौंरे की मादा, भ्रामरी, भौंरी
- विवाह के समय वर और वधू द्वारा की जानेवाली अग्नि की सात परिक्रमाएँ
- जल के बहाव में वह स्थान जहाँ पानी की लहर एक केंद्र पर चक्कर खाती हुई घूमती है
भँवरी के तुकांत शब्द
संपूर्ण देखिएभँवरी के अंगिका अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- पानी का चक्कर, भँवर
- जंतुओं के शरीर पर का वह स्थान जहाँ पर रोंवे या बाल एक केंद्र पर घूमते रहते हैं
भँवरी के अवधी अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- फेरी
- मनुष्य के बालों का चक्र, पशु के मत्थे या पीठ आदि पर बालों का चक्र
भँवरी के कन्नौजी अर्थ
संज्ञा
- भ्रमरी
भँवरी के गढ़वाली अर्थ
स्त्रीलिंग
- एक विशेष प्रकार का वाद्ययंत्र, मोछंग
Feminine
- a special type of musical instrument.
भँवरी के मगही अर्थ
संज्ञा, पुल्लिंग
- देखिए : 'भंउरी'
भँवरी के मालवी अर्थ
- भ्रमरी
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- भ्रमर
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