जै

जै के अर्थ :

जै के हरियाणवी अर्थ

संज्ञा, स्त्रीलिंग

  • जीत
  • जयकारा

सर्वनाम

  • 'जो', संबंधवाचक सर्वनाम

अव्यय

  • यदि - 1. बाब्बू, जै भेज्जै तै रोवण पीट्टण लाग्गूँ, ना तै गोब्बर कूड़े लाग्गूँ. 2. जै गीहूँ खाणा चाहवै था, आठ बै क्यूँ ना बाहवै था,

विशेषण

  • जितना, जिस मात्रा का-1. जै दिन चाल्लै जेठ में पिरवा । उतणे दिन रहै साम्मण सूक्का। 2. बेट्टा, जै-जै बात तेरी सास्सू नैं कही, वै सारी खोल दे
  • जो

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