sil meaning in haryanvi
सिल के हरियाणवी अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- पत्थर
- चटनी रगड़ने का पत्थर
- भार, जैसे-छात्ती पै सिल
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- बरसाने या ओसाने के लिए इकट्ठी की गई पैड़ (खलियान)
- भूसा मिश्रित अन्न की ढेरी
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- भौं के बाल
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- कुएं की मुंडेर पर रखा वह भारी पत्थर जिस पर चरसा उंडेला जाता है। दे. सिल
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