bhakti meaning in hindi
भक्ति के हिंदी अर्थ
संस्कृत ; संज्ञा, स्त्रीलिंग
- अनेक भागों में विभक्त करना, बाँटना
- उपासना; आराधना
- खंड, भाग, अंग, अवयव, विभाग
- सेवा
- वह विभाग जो रेखा द्वारा किया गया हो, विभाग करने वाली रेखा
- आस्था; श्रद्धा
- सेवा सुश्रूषा
- अनुराग
- पूजा, अर्चन
-
एक वर्णवृत्त
उदाहरण
. भक्ति के प्रत्येक चरण में तगण, यगण एवं अंत में दो गुरु होते हैं । -
किसी बड़े के प्रति होने वाली श्रद्धा या आदर भाव, श्रद्धा
उदाहरण
. संत, महात्माओं ने ज्ञान प्राप्त करने के लिए गुरु के प्रति भक्ति का होना आवश्यक बतलाया है। - विश्वास
- रचना
-
देवी-देवता या ईश्वर के प्रति होने वाला विशेष प्रेम, अनुराग, स्नेह
उदाहरण
. ईश्वर के प्रति भक्ति होनी चाहिए। - अस्थि-मंग
-
शांडिल्य के भक्तिसूत्र के अनुसार ईश्वर में अत्यंत अनुराग का होना
विशेष
. यह गुणभेद से सात्विकी, राजसी और तामसी तीन प्रकार की मानी गई है। भक्तों के अनुसार भक्ति नौ प्रकार की होती है जिसे नवधा भक्ति कहते हैं। वे नौ प्रकार ये हैं- श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन। - उक्त प्रकार से काटे हुए टुकड़े या किये हुए विमाग
- जैन मतानुसार वह ज्ञान जिसमें निरतिशय आनंद हो और जो सर्वप्रिय, अनन्य, प्रयोजनविशिष्ट तथा वितृष्णा का उदयकारक हो
- कोई चीज काटकर या और किसी प्रकार कई टुकड़ों या भागों में बांटने की क्रिया या भाव, विमा जन
- गौण वृत्ति
- भंग या भग्न करने या होने की अवस्था या भाव
- भंगी
- उपचार
- एक वृत्त का नाम जिसके प्रत्येक चरण में तगण, यगण और अंत में गुरु होता है
भक्ति के पर्यायवाची शब्द
संपूर्ण देखिएभक्ति के तुकांत शब्द
संपूर्ण देखिएभक्ति के यौगिक शब्द
संपूर्ण देखिएभक्ति के अँग्रेज़ी अर्थ
Noun, Feminine
- devotion
भक्ति के अंगिका अर्थ
भगति
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- सेवा श्रद्धा, विश्वास, पूजा, अर्चन, स्नेह, अनुराग
भक्ति के अवधी अर्थ
भगति, भगती
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- कीर्तन
भक्ति के कन्नौजी अर्थ
भगति
संस्कृत ; संज्ञा, स्त्रीलिंग
- सेवा, आराधना. 2. ईश्वर या पूज्य व्यक्ति के प्रति अति अनुराग. 3. श्रद्धा
भक्ति के कुमाउँनी अर्थ
भगति
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- भक्ति, भगवान की पूजा
भक्ति के बुंदेली अर्थ
भक्ती, भगती
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- भक्ति, भक्त, वि.रूप में भी प्रयुक्त
भक्ति के ब्रज अर्थ
भकति, भगति
संज्ञा, स्त्रीलिंग
-
सेवा, पूजा, श्रद्धा, आस्था, आदर भाव, उपासना, शास्त्र में भक्ति नौ प्रकार की कही गई है यथा- श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पाद-सेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्म निवेदन
उदाहरण
. भावभक्ति कछु हृदय न उपजी मन विषया मैं दीनो। - विभाजित करने वाली रेखा
- खंड, विभाग, अंग, अवयव
भक्ति के मगही अर्थ
भगती, भकती
अरबी ; संज्ञा
- (भक्ति) पूजा; श्रद्धा; भक्ति के नौ रूपों (श्रवण, कीर्तन, वंदन, दास्य, स्मरण, पाद-सेवन, अर्चन, सखाभाव तथा आत्मनिवेदन) में से कोई
भक्ति के मैथिली अर्थ
भगति
संज्ञा
- भक्ति
Noun
- devotion.
भक्ति के मालवी अर्थ
भगती
संज्ञा, पुल्लिंग, स्त्रीलिंग
- भक्ति, श्रद्धा।
भक्ति के हरियाणवी अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- दे. भगती
अन्य भारतीय भाषाओं में भक्ति के समान शब्द
गुजराती अर्थ :
भक्ति - ભક્તિ
प्रेम - પ્રેમ
आदर - આદર
उर्दू अर्थ :
अक़ीदत - عقیدت
कोंकणी अर्थ :
भक्ती
पंजाबी अर्थ :
भगती - ਭਗਤੀ
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