daanaantraay meaning in hindi
दानांतराय के हिंदी अर्थ
संज्ञा, पुल्लिंग
- जैनाशास्त्र के अनुसार वह अंतराय या पापकर्म जिसके उदय से दान के योग्य द्रव्य और पात्र पाकर भी मनुष्य को दान करने में विघ्न होते हैं और वह दान नहीं कर सकता
दानांतराय के तुकांत शब्द
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