जलंधर

जलंधर के अर्थ :

जलंधर के हिंदी अर्थ

संस्कृत ; संज्ञा, पुल्लिंग

  • (पुराण) एक प्रसिद्ध राक्षस का नाम जो शिवजी की कोपाग्नि से गंगा-समुद्र संगम में उत्पन्न हुआ था और जिसे भगवान विष्णु ने मारा था

    विशेष
    . पद्म पुराण में लिखा है कि यह जन्मते ही इतने ज़ोर से रोने लगा कि सब देवता व्याकुल हो गए। उनकी ओर से जब ब्रह्मा ने जाकर समुद्र से पूछा कि यह किसका लड़का है तब उसने उत्तर दिया कि यह मेरा पुत्र है, आप इसे ले जाइए। जब ब्रह्मा ने उसे अपनी गोद में लिया तब उसने उनकी दाढ़ी इतने ज़ोर से खींची कि उनकी आँखों से आँसू निकल पड़े। इसीलिए ब्रह्मा ने इसका नाम 'जलंधर' रखा। बड़े होने पर इसने इंद्र की नगरी अमरावती पर अधिकार कर लिया। अंत में शिवजी इंद्र की ओर से उससे लड़ने गए। उसकी स्त्री वृंदा ने जो कालनेमि की कन्या थी, अपने पति के प्राण बचाने के लिए ब्रह्मा की पूजा आरंभ की। जब देवताओं ने देखा कि जलंधर किसी प्रकार नहीं मर सकता तब अंत में जलंधर का रूप धारण करके विष्णु उसकी स्त्री वृंदा के पास गए। वृंदा ने उन्हें देखते ही पूजन छोड़ दिया। पूजन छोड़ते ही जलंधर के प्राण निकल गए। वृंदा क्रुद्ध होकर शाप देना चाहती थी, पर ब्रह्मा के बहुत कुछ समझाने-बुझाने पर वह सती हो गई।

  • नाथ संप्रदाय के एक योगी, एक प्राचीन ऋषि
  • योग का एक बंध

हिंदी ; संज्ञा, पुल्लिंग

  • एक रोग जिसमें पेट में नाभि के पास सूजन के साथ पानी भर जाता है, जलोदर

जलंधर के तुकांत शब्द

संपूर्ण देखिए

जलंधर के अंगिका अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • एकअसुर
  • पेट में पानी भर जाने का रोग, जलोदर
  • हठयोग का एक बंध

जलंधर के कुमाउँनी अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • जालंधर नामक नगर
  • नाथ संप्रदाय के दस नाथ योगियों में एक योगी
  • शरीर में यकृत विकार से सूजन आ जाना, जलोदर

जलंधर के मगही अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • पेट में पानी की मात्रा बढ़ने तथा पेट सूजने एवं ख़ून की कमी से होने वाला एक रोग, जलोदर रोग

जलंधर के हरियाणवी अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • पेट की एक बीमारी जिसमें उदर में जल भर जाने से वह फूल जाता है
  • एक नाथपंथी फ़क़ीर

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