kapuurakacarii meaning in braj
कपूरकचरी के ब्रज अर्थ
स्त्रीलिंग
- एक सुगन्धित जड़ वाली वनोषधि , गन्ध पलाशी , गन्धमूली
कपूरकचरी के हिंदी अर्थ
संज्ञा, स्त्रीलिंग
- एक बेल जिसकी जड़ सुगंधित होती है और दवा के काम में आती है , आसाम के पहाड़ी लोग इसकी पत्तियाँ की चटाई बनाते हैं , इसकी जड़ खाने में कडुई, चरपरी और तीक्ष्ण होती है तथा ज्वर हिचकी और मुँह की विरसता को दूर करती है
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