rasavirodh meaning in hindi
रसविरोध के हिंदी अर्थ
संज्ञा, पुल्लिंग
- सुश्रुत के अनुसार कुछ रसों का ठीक मेल न होना, जैसे,— तीते और मीठे में, नमकीन और मीठे में, कड़ुए और मीठे में रसविरोध है
- साहित्य में एक ही पद्य में दो प्रतिकूल रसों की स्थिति, जैसे,— शृंगार और रौद्र की हास्य और भयानक की शृंगार और वीभत्स की
रसविरोध के तुकांत शब्द
संपूर्ण देखिएरसविरोध के अँग्रेज़ी अर्थ
Noun, Masculine
- discordance of रस
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