तनना

तनना के अर्थ :

तनना के हिंदी अर्थ

संस्कृत ; अकर्मक क्रिया

  • किसी पदार्थ के एक या दोनों सिरों का इस प्रकार आगे की ओर बढ़ना जिसमें उसके मध्य भाग का झोल निकल जाय और उसका विस्तार कुछ बढ़ जाय, झटके, खिंचाव या खुश्की आदि के कारण किसी पदार्थ का विस्तार बढ़ना, जैसे, चादर या चाँदनी तनना, घाव पर की पपड़ी तनना
  • किसी चीज का जोर से किसी ओर खिंचना, आकर्षित या प्रवृत्त होना
  • किसी चीज का अकड़कर सीधा खड़ा होना, जैसे,—यह पेड़ कल झुक गया था, पर आज पानी पाते ही फिर तन गाया
  • कुछ अभिमान- पूर्वक रुष्ट या उदासीन होना, ऐंठना, जैसे,—इधर कई दिनों से वे हमसे कुछ तने रहते हैं, संयो॰ क्रि॰—जाना

हिंदी ; अकर्मक क्रिया

  • 'तानना'

    उदाहरण
    . ग्रहपथ के आलोक- वृत्त से कालजाल तनता अपना ।


हिंदी ; संज्ञा, पुल्लिंग

  • वह रस्सी जिससे तानने का कार्य किया जाता है

तनना के तुकांत शब्द

संपूर्ण देखिए

तनना के हरियाणवी अर्थ

तणणा

अकर्मक क्रिया

  • अकड़ कर सीधा खड़ा होना
  • ऐंठना
  • पदार्थ का कड़ा होना

सकर्मक क्रिया

  • ताना जाना, तानना

अकर्मक क्रिया

  • दे. तणणा

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