ह के अर्थ :

  • स्रोत - संस्कृत

ह के हिंदी अर्थ

  • संस्कृत या हिंदी वर्णमाला का तैतीसवाँ व्यंजन जो उच्चारण विभाग के अनुसार ऊष्म वर्ण कहलाता है तथा इसका उच्चारण स्थान कंठ है

संज्ञा, पुल्लिंग

  • हास, हँसी
  • शिव, महादेव
  • जल, पानी
  • शुन्य, सिफ़र
  • योग का एक आसन, विष्कंभ
  • ध्यान
  • शुभ, मगंल
  • आकाश
  • स्वर्ग
  • रक्त, ख़ून
  • भय
  • ज्ञान
  • चंद्रमा
  • विष्णु
  • युद्ध, लड़ाई
  • घोड़ा, अश्व
  • गर्व, घमंड
  • वैद्य
  • कारण, हेतु
  • आनंद, हर्ष
  • धारण
  • ब्रह्म
  • प्रसिद्धि, ख्याति
  • अस्त्र
  • रत्न की दीप्ति
  • आह्वान, पुकार
  • वीणा की ध्वनि
  • पुलक, रोमहर्ष, रोमांच
  • बुराई, निंदा
  • क्षेप
  • निग्रह, नियोग
  • शुष्क होना
  • हरे

अव्यय

  • अनुन्य, क्रोध, अवश्य ही, निश्चय ही आदि अथों तथा पादपूर्ति के रूप में प्रयुवत अव्यय

ह के यौगिक शब्द

संपूर्ण देखिए

ह के अँग्रेज़ी अर्थ

  • the last and the thirty-third letter of the Devna:gri: alphabet, aspirated in sound

ह के अंगिका अर्थ

ह:

  • ई अंगिका वर्ण रॉ अंतिम वर्ण छेकय

ह के अवधी अर्थ

अव्यय

  • हाय!

ह के कन्नौजी अर्थ

  • देवनागरी वर्णमाला का तैंतीसवाँ और ऊष्म वर्ग का अंतिम व्यंजन, जिसका उच्चारण स्थान कंठ है

ह के कुमाउँनी अर्थ

  • वह, यह देखो

    उदाहरण
    . ह जाणी, 'देखो ह जाणो'

ह के गढ़वाली अर्थ

  • देवनागरी वर्णमाला का तैतीसवाँ व्यंजन वर्ण

सर्वनाम

  • यह

क्रिया

  • है
  • the thirty third consonant of the Devanagari alphabet.

Pronoun

  • this, it.

verb

  • is.

ह के बुंदेली अर्थ

  • हिंदी वर्णमाला देवनागरी लिपि का ऊष्म वर्ण, इसका उच्चारण कंठ्य है

ह के भोजपुरी अर्थ

अकर्मक क्रिया

  • है

    उदाहरण
    . ई घर ह।

Intransitive verb

  • is

ह के मैथिली अर्थ

  • वर्णमाला का तैंतीसवाँ व्यंजन
  • 33rd consonant of alphabet.

ह के मालवी अर्थ

  • मालवी वर्णमाला का अंतिम वर्ण

ह के हरियाणवी अर्थ

  • हिंदी वर्णमाला का तेतीसवाँ व्यंजन ऊष्म वर्ण है, इसका उच्चारण स्थान कंठ है, हरियाणवी में इसका उच्चारण 'है' (हअ) के समान है

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