त्याग

त्याग के अर्थ :

  • स्रोत - संस्कृत

त्याग के हिंदी अर्थ

संज्ञा, पुल्लिंग

  • किसी पदार्थ पर से अपना स्वत्व हटा लेने अथवा उसे अपने पास से अलग करने की क्रिया, उत्सर्ग, क्रि॰ प्र॰—करना
  • उदारतापूर्वक दान देना
  • किसी बात को छोड़ने की क्रिया, जैसे असत्य का त्याग
  • किसी महान उद्देश्य के लिए अपना सुख-वैभव छोड़ देना
  • संबंध या लगाव न रखने की क्रिया
  • किसी वस्तु के प्रति अपनेपन का भाव छोड़ देना अथवा उस वस्तु के प्रति मोह न रखना; 'ग्रहण' के विपरीत कर्म; उत्सर्ग
  • विरक्ति आदि के कारण सांसारिक विषयों और पदार्थों आदि को छोड़ने की क्रिया
  • संबंध तोड़ने की क्रिया
  • दान
  • स्वार्थ की उपेक्षा
  • कन्यादान (डिं॰)
  • सांसारिक विषयों और व्यवहारों को छोड़ने का भाव; वैराग्य; विराग
  • अपना अधिकार या स्वत्व सदा के लिए और पूरी तरह से छोड़ने की क्रिया
  • किसी वस्तु या प्राणी से संबंध तोड़ लेने की क्रिया या भाव
  • प्रकाश, ऊर्जा, विकिरण आदि देने या छोड़ने की क्रिया
  • वैराग्य आदि के कारण सांसारिक भोगों और पदार्थों आदि को छोड़ने की क्रिया या भाव
  • किसी काम, चीज या बात से लगाव या सम्बन्ध हटा लेने अथवा उसे छोड़ने की क्रिया या भाव, जैसे-(क) मोह-माया का त्याग, (ख) दुर्व्यसनों का त्याग
  • किसी चीज पर से अपना अधिकार या स्वत्व हटा लेने अथवा उसे सदा के लिए अपने पास से अलग करने की क्रिया, पूरी तरह से छोड़ देना, उत्सर्ग, जैसे-घर-गृहस्थी, संपत्ति या सांसारिक संबंधों का त्याग, पद-त्याग-पत्र (देखें.)

त्याग के अँग्रेज़ी अर्थ

Noun, Masculine

  • abandonment
  • relinquishment, renunciation forsaking
  • sacrifice, abnegation

त्याग के कन्नौजी अर्थ

  • किसी वस्तु को छोड़ देने की क्रिया या भाव 2. सांसारिक विषयों एवं भोगों में लिप्त न रहने का भाव 3. किसी पद या स्थान से सम्बंध न रखना 4. ममत्व का उच्छेद 5. उच्च लक्ष्य की प्राप्ति के लिए की गयी अपने स्वार्थ की कुर्बानी

अन्य भारतीय भाषाओं में त्याग के समान शब्द

पंजाबी अर्थ :

तिआग - ਤਿਆਗ

गुजराती अर्थ :

त्याग - ત્યાગ

संन्यास - સંન્યાસ

उर्दू अर्थ :

तर्क - ترک

कोंकणी अर्थ :

त्याग

सब्सक्राइब कीजिए

आपको नियमित अपडेट भेजने के अलावा अन्य किसी भी उद्देश्य के लिए आपके ई-मेल का उपयोग नहीं किया जाएगा।

बेहतर और सरल अनुभव के लिए हिन्दवी डिक्शनरी ऐप

डाउनलोड कीजिए

क्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा