Synonyms of jad-1
जड़ के पर्यायवाची शब्द
-
अंध
जिसे दिखाई न देता हो, नेत्रहीन , बिना आँख का , अंधा , जिसकी आँखों में ज्योति न हो , जिसमें देखने की शक्ति न हो
-
अंबु
आम, रसाल
-
अंभ
जल, पानी
-
अचल
अटल
-
अचेतन
जड़
-
अज्ञ
अज्ञानी , ज्ञानरहित
-
अज्ञानी
ज्ञानशून्य, मूर्ख, जड़, अविद्याग्रस्त, अनाड़ी, नादान, नासमझ, अबोध, जिसे बुद्धि न हो या बहुत कम हो या जो मूर्खतापूर्ण आचरण करता हो, जिसे ज्ञान न हो, बेवकूफ़
-
अधोगति
पतन, गिराव, गिरावट, उतार, महत्त्व या प्रतिष्ठा मान आदि न रह जाने की स्थिति या भाव
-
अनजान
दे. 'अनजान'
-
अपटु
जो पटु न हो, कार्य करने में असमर्थ
-
अप्रतिभ
चेष्टाहीन, उदास, अप्रगल्भ
-
अबूझ
दे. अणबूझ
-
अबोध
अज्ञान, मूर्खता
-
अभ्रपुष्प
बेंत, बेंत का डंठल जिसका उपयोग छड़ी के रूप में किया जाता है
-
अर्ण
वर्णमाला का कोई स्वर या व्यंजन वर्ण, वर्ण, अक्षर
-
अल्प
थोड़, कनेक
-
अवाक्
चुप, चुपचाप, मौन
-
अहमक़
जिसे बुद्धि न हो या बहुत कम हो या जो मूर्खतापूर्ण आचरण करता हो, जड़ा, बेवक़ूफ़, मूर्ख, नासमझ
-
आधार
जिस पर कोई दूसरी चीज़ खड़ी या टिकी रहती हो, आश्रय, सहारा, अवलंब
-
आधारशिला
वह पहला पत्थर जो नींव में रखा जाता है और जिसके ऊपर भवन या इमारत बनाते हैं, नींव का पत्थर
-
आप
ईश्वर
-
आलसी
अरसील (सी० ह० ल०)
-
उत्पत्ति
अस्तित्व में आने या उत्पन्न होने की अवस्था, क्रिया या भाव, आविर्भाव, उद्भव
-
उद्गम
उत्पत्ति स्थान
-
उद्भव
उत्पत्ति , प्रादुर्भाव ; उन्नति , वृद्धि ; उत्पत्ति स्थान ; विष्णु
-
उल्लू
दिन में न देख सकने वाला एक पक्षी; उलूक, उरुआ, धुग्धू
-
ऊत
बिना पुत्र का , निःसंतान , निपूता
-
ऋत
उंछवृत्ति
-
ओज
विषम, अयुग्म
-
क
हिंदी वर्णमाला का पहला व्यंजन, जो भाषा-विज्ञान और व्याकरण की दृष्टि से कंठ्य, स्पर्शी, अल्पप्राण तथा अघोष माना गया है, हिंदी वर्णमाला का पहला व्यंजन वर्ण जिसका उच्चारण कंठ से होता है, इसे स्पर्श वर्ण भई कहते हैं, ख, ग, घ और ङ इसके सवर्ण हैं
-
कंजूस
कृपण
-
कड़ा
हाथ या पाँव में पहनने का चूड़ा
-
कबंध
पीपा , कंडल
-
कर्बुर
सोना, स्वर्ण
-
कश
चाबुक
-
कारण
हेतु, निमित्त जड़ आदि-कर्म काम
-
कीलाल
बंधन हटाने या दूर करनेवाला
-
कुलीन
अच्छे वंश का, खानदानी
-
कुलीनस
पानी, जल, वारी
-
कुश
दे. कुस
-
कृत्स्न
संपूर्ण, सब, पूरा
-
क्लीव
षंढ, नपुंसक, नामर्द
-
क्षर
जिसका क्षरण होता हो या होने को हो, नाशवान्, नश्वर, नष्ट होनेवाला
-
क्षीर
दूध, पय ; खीर ; जल
-
क्षोद
चूर्ण, बुकनी, सफूफ
-
गतिहीन
स्थिर, ठहरा हुआ
-
गधा
घोड़े की जाति का एक चौपाया जो अधिकतर बोझ ढोने के लिए पाला जाता है, खर, राक्षस, मूर्ख, अल्पबुद्धि (वृ०हि०/360) (4054)
-
गावदी
कुंठित बुद्धि का, अबोध, नासमझ, बेवकूफ, कूढ़मग्ज, जड़
-
गुंगा
दे. गूँग्गा
-
गूँगा
जिसकी वाक् शक्ति ऐसी विकृत हो कि कुछ भी बोल न सके, जिसके मुँह से स्पष्ट शब्द न निकलें, जिसमें बोलने की शक्ति न हो, जिसे वाणी न हो, मूक
सब्सक्राइब कीजिए
आपको नियमित अपडेट भेजने के अलावा अन्य किसी भी उद्देश्य के लिए आपके ई-मेल का उपयोग नहीं किया जाएगा।
© 2026 Rekhta™ Foundation. All Right Reserved.
बेहतर और सरल अनुभव के लिए हिन्दवी डिक्शनरी ऐप
डाउनलोड कीजिएक्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा