Synonyms of bandh
बंध के पर्यायवाची शब्द
-
अंग
शरीर, शरीर का हिस्सा
-
अमानत
अपनी वस्तु को किसी दूसरे के पास एक नियत काल तक के लिए रखना
-
इंद्रियायतन
किसी प्राणी के सब अंगों का समूह जो एक इकाई के रूप में हो, इंद्रियों का आयतन या निवास, शरीर, देह
-
करण
दानी कर्ण, व्याकरण में एक कारक, कान।
-
कलेवर
शरीर, देह, चोला
-
काया
शरीर, देह।
-
किनारा
तट, (दे. कान्ना )
-
क्षेत्र
वह स्थान जहाँ अन्न बोया जाता हो, खेत
-
गाँठ
रस्सी, डोरी, तागे आदि में पड़ी हुई गुत्थी की उलझन जो खींचकर कड़ी और दृढ़ हो जाती है, वह कड़ा उभार जो तागे, रस्सी, डोरी आदि में उनके छोरों को कई फेरे लपेटकर या नीचे ऊपर निकालकर खींचने से बन जाता है, गिरह, ग्रंथि
-
गात
शरीर, काया, जिस्म, बदन, देह, तन
-
गात्र
देह
-
गिरवी
रुपया लेकर उसके बदले जमीन, जेवर आदि महाजन के पास रखना, बंधक, रेहन, गिरो!
-
गिरह
गाँठ
-
ग्रंथि
दे. गिरंथी
-
घट
कमना, कमी, घटना
-
तन
'स्तन'
-
तनु
देखिए : तनाऽ
-
देह
शरीर।
-
धरोहर
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित संग्रहालय
-
धारणा
स्मरण शक्ति, पक्का विचार, स्मृति धारन करना, ऋण लेना
-
पंजर
कृषकाय, शरीर की हड्डियों का ढांचा, कंकाल
-
पंडल
ढाल, पानी के बहाव का ढाल |
-
पिंड
शरीर
-
पुद्गल
देखने में अच्छा और मन को लुभाने वाला
-
फंदा
रस्सी या बाल आदि की बनी हुई फाँस, रस्सी, तागे आदि का घेरा जो किसी को फँसाने के लिए बनाया गया हो, फनी, फाँद
-
फाँस
रस्सी में बनाया हुआ वह फंदा जिसमें पशु पक्षियों को फंसाया जाता है, पाश, बंधन, फंदा
-
बंद
बँधन, फीता
-
बंधक
गिरवी, बंधक
-
बंधन
बँधने या बाँधने की अवस्था या भाव, बाँधने की क्रिया, बाँधना
-
बाँध
नदी आदि का पानी रोकने के लिए बनाया हुआ कच्चा या पक्का घेरा
-
बेड़ी
पाएर बन्हबाक कड़ी, पैकड़ |
-
भावना
विचार, ध्यान
-
भू
पृथ्वी
-
भूतात्मा
शरीर
-
मिलन
दो नदियों का संगम स्थल
-
मूर्ति
किसी के रूप या आकृति के सदृश गढ़ी हुई वस्तु, प्रतिमा, विग्रह, जैसे—कृष्ण की मूर्ति, देवी की मूर्ति
-
मैँड़
'मेंड़'
-
रचना
रंजित होना, लाल होना-राम जी घणा मींह हो तै रच्या करै
-
रज्जु
रस्सी
-
रस्सी
दे० 'रसरी'
-
रोक
बाधा, अटकाव, निशेध, मनाही
-
वदन
मुख, मुँह
-
वपु
शरीर , देह , रूप
-
विग्रह
दे० 'विगार'; शरीर ; मूर्ति ; सजावट ; स्कंध के एक अनुचर का नाम ; शिव जी का एक नाम ; विभाग
-
व्यवस्थापन
किसी विषय में शास्त्रीय व्यवस्था देना या बतलाना, यह बतलाना कि अमुक विषय में शास्त्रों को क्या आज्ञा अथवा मत है
-
व्यूह
समूह, जमघट, भीड़
-
शरीर
देह, मात्र, कलेवर
-
शृंखला
क्रम, सिलसिला
-
संचर
गमन, चलना
-
संयोग
दे. संजोग
सब्सक्राइब कीजिए
आपको नियमित अपडेट भेजने के अलावा अन्य किसी भी उद्देश्य के लिए आपके ई-मेल का उपयोग नहीं किया जाएगा।
© 2026 Rekhta™ Foundation. All Right Reserved.
बेहतर और सरल अनुभव के लिए हिन्दवी डिक्शनरी ऐप
डाउनलोड कीजिएक्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा