Synonyms of karpuur-1
कर्पूर के पर्यायवाची शब्द
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आभूषण
गहना, जे़वर, आभरण, अलंकार
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इंदु
पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाने वाला एक उपग्रह, चंद्रमा
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ईश्वर
कलेश, कर्म विपाक, अलस पुरुष, परमेश्वर, भगवान्, मालिक, स्वामी
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कंचन
हिरनी
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कपूर
एक सफेद रंग का सुगन्धित द्रव्य जो हवा लगने से उड़ता है
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कमल
कमल का फूल
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कलधौत
सोना
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काँच
भंगुर, विनाशवान
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कामदेव
कामवासना की प्रेरणा देने वाला देवता
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कुंदन
बहुत अच्छे और साफ़ सोने का पतला पत्तर जिसकी सहायता से गहनों में नगीने जड़े जाते हैं
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कृशन
मुक्ता, मोती
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कृष्ण
दे. किरसन
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केश
दे. केस
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कोयल
कोयल; वह पका आम जो किनारे सूख कर विशेष सुगंध देता हो। कहते हैं ऐसे फल पर कोयल पाद देती है तभी यह ऐसा हो जाता है
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खंजन
एक सुंदर पक्षी जो बहुत चंचल होता है और जिसकी उपमा कविगण नेत्रों से देते हैं
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गगन
आसमान, आकाश, नभ, व्योम, अंतरिक्ष, आकाशस्थ ईश्वर या देव, खुले स्थान में ऊपर की ओर दिखाई देने वाला खाली स्थान, आकाश
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गारुड़
जिस मंत्र का देवता गरुड़ हो, साँप का विष उतारने का मंत्र
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गौर
पार्वती की मृण्मयी मूर्ति नौरता और गणगौर के अवसर पर पूजी जाती है, क्षत्रियों का एक उपवर्ग
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ग्लौ
चंद्रमा
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घनसार
जल, पानी
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घोड़ा
चार पैरों वाला एक प्रसिद्ध और बड़ा पशु , अश्व , वाजि , तुरंग
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चंदन
एक पेड़ की सुगंधित लकड़ी जिसे घिसकर शरीर पर लेप लगाते हैं
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चंद्रभस्म
सफे़द रंग का एक सुगंधित पदार्थ जो दारचीनी की जाति के पेड़ों से निकलता है, कपूर
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चंद्रमा
आकाश में चमकने वाला एक उपग्रह जो महीने में एक बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा करता है और सूर्य से प्रकाश पाकर चमकता है
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चंद्रसंज्ञ
कपूर
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चांपेय
चपक
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चातक
एक पक्षी जे काव्य-परम्पराक अनुसार केवल स्वाती नक्षत्रक वर्षाक बिन्दु पिबैत अछि
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चामीकर
एक बहुमूल्य पीली धातु जिसके गहने आदि बनते हैं, सोना, स्वर्ण
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छाता
छतरी, छज्जा, छत्ता,
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जल
पानी, नीर
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जातरूप
सोना , स्वर्ण
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तरुसार
कपूर
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तलवार
एक प्रसिद्ध हथियार, तलवार, 'तल्वार' भी प्रयुक्त
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दिन
सूर्योदय से सूर्यास्त का समय, सामान्य गणना के लिए रात और दिन के चौबीस घंटे का समय,
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दीपक
दे. दीप
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निष्क
सोना
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पक्षी
चिड़िया
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पपीहा
चातक (एक पक्षी)
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पीतक
हरताल
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पुरट
सोना , स्वर्ण
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बाण
आदत, स्वभाव, व्यसन
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भूमि
दे. भूम्मी
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भृंगार
लौंग
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भ्रमर
भौंरा
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मयूर
मोर
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मृग
हिरन , इरिण
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मेघ
पृथ्वी पर के जल से निकली हुई वह भाप जो घनी होकर आकाश में फैल जाती है और जिससे पानी बरसता है, आकाश में घनीभुत जलवाष्प जिससे वर्षा होती है, बादल
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रात्रि
उतना समय जितने समय तक सूर्य का प्रकाश न दिखाई पड़े, संध्या से लेकर प्रातःकाल तक का समय, सूर्यास्त से सूर्योदय तक का समय, रजनी, रात, निशा
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रुक्म
चमकीला
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विद्युत
आकाश में सहसा क्षण भर के लिए दिखाई देने वाला वह प्रकाश जो बादलों में वातावरण की विद्युत शक्ति के संचार के कारण होता है
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